एक
- Aadishaktii S.
- Jan 20, 2025
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This post is sourced from my old blog.
Original Blog Date: July 8, 2019
स्वर, हरि, जीवन, सब एक ही तो है।
सुख दुख घृणा प्रेम, सब एक ही तो है।
मौन, शोर, तृष्णा, तृप्ति, सब एक ही तो है।
प्रिय ध्यान से देखो, मै और तुम, एक ही तो हैं!
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